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इंदौर : अवैध शराब बेचकर की लेडी डाॅन बनी अलका, प्रशासन ने तीन मंजिला मकान ध्वस्त

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इंदौर। नगर निगम, जिला प्रशासन और पुलिस का एंटी माफिया अभियान के तहत गुरुवार को लेडी डाॅन अलका के द्वारिकापुरी के श्रीराम नगर स्थित तीन मंजिला मकान को ध्वस्त कर दिया। मकान को तोड़ने के दौरान एक महिला ने जमकर हंगामा किया। उसका कहना था कि यह मकान उसने अलका से दो साल पहले खरीदा है। इसका शपथ पत्र भी उसके पास है। हालांकि टीम ने इसे नकार दिया। महिला को घर से बाहर निकालकर मकान पर बुलडोजर चला दिया। इन सबके बीच लेडी डॉन की, जो कहानी सामने आई, वह भी चौंकाने वाली है। वह शराब बेचकर स्लम एरिया से पॉश कॉलोनी तक पहुंच गई और किसी का ध्यान इस ओर नहीं किया।

स्लम से लखपति बनने तक का सफर
अलका अन्नापूर्णा क्षेत्र के सुदामा नगर स्थित स्लम एरिया में रहकर अवैध शराब बेचा करती थी। 2007 से इसका नाम अपराधी के रूप में आने लगा। इस पर ज्यादातर आबकारी एक्ट के ही मामले हैं। दो-तीन साल पहले उसने द्वारिकापुरी थाना क्षेत्र के श्रीराम नगर में साढ़े 7 50 वर्ग फीट के प्लाॅट पर मकान खड़ा किया। इसकी अनुमानित राशि करीब 40 लाख रुपए होगी। इसके बाद यहां भी उसके कारनामे जारी रहे। द्वारिकापुरी क्षेत्र में अपराध भी दर्ज किए गए। कुछ समय पहले ही लसुड़िया क्षेत्र में गाेयल परिवार के यहां हुई डकैती में भी उसका नाम सामने आया था। उस समय पता चला था कि एक महिला कार से पहले रैकी करने आई थी। वह महिला कोई और नहीं, बल्कि अलका ही थी। वह शराब बेचते हुए ही लखपति बन गई।

पूरा परिवार ही अपराध में लिप्त
निगम अधिकारी ओम प्रकाश गोयल के अनुसार जोन 14 में श्रीराम नगर कॉलोनी में अलका का मकान तोड़ा गया है। तीन मंजिला पक्का मकान था। 750 स्क्वेयर फीट के प्लाॅट साइज में करीब 2000 स्क्वेयर फीट अवैध निर्माण किया गया था। टीआई डीबीएस नागर के अनुसार श्रीराम नगर निवासी अलका और उसका पति अशोक दीक्षित लिस्टेड बदमाश है। अलका पर एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। वहीं, पति पर करीब 18 केस दर्ज हैं। अलका पर आबकारी एक्ट के ज्यादातर मामले हैं। वह लसुडिया के चोरी मामले में जेल गई थी। पिछले महीने की जेल से रिहा हुई है। इसके बेटे जयदीप पर भी छेड़छाड़ और मारपीट के दो मामले दर्ज हैं।

उद्योगपति के घर पर की थी चोरी
पुलिस के अनुसार लसुड़िया क्षेत्र में रहने वाले उद्योगपति के यहां चोरी के आरोप में 6 बदमाशों को गिरफ्तार किया था। इंदौर के दो बदमाशों ने देवास के कंजर गिरोह के बदमाशों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। वारदात से पहले बदमाशों ने 15 दिन तक घर की रैकी की थी। रैकी करने वाली कोई और नहीं कार में सवार अलका ही थी। इन्होंने उद्योगपति और उनकी पत्नी को गन पॉइंट पर लिया। फिर अलमारियों में रखी रुपयों की थैली लेकर भाग गए थे। आरोपियों ने बताया था कि उन्हें हवाला के करोड़ों रुपए रखे होने की सूचना मिली थी। उसे ही लूटने गए थे। घर के इलेक्ट्रॉनिक गेट लॉक होने से पहले ही वे घुस गए थे। इन्होंने पहले उद्योगपति के बेटे और उसके दोस्त को बंधक बनाया। बहू ने यह देख खुद को कमरे में बंद कर पिता को फोन किया, जिसके बाद आस-पास रहने वाले रिश्तेदार आए, तो बदमाशों से मुठभेड़ भी हुई थी।

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