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दिल्ली की सभी सीमाओं पर डंटे किसानों ने किया भूख हड़ताल का ऐलान

नई दिल्‍ली। किसान नेताओं ने शनिवार को नए कृषि कानूनों के वापसी की मांग को लेकर आंदोलन को और तेज करने का एलान किया है। किसानों ने कहा है कि वह 14 तारीख को अनशन पर बैठेंगे। इस बीच किसानों ने कई टोल प्‍लाजा पर कब्‍जा कर लिया है और कई दूसरी सड़कें जाम करने की चेतावनी दी है। उधर, हरियाणा में भाजपा के साथ गठबंधन सरकार चला रहे दुष्यंत चौटाला ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की है। इससे सियासी हलचल बढ़ गई है

जयपुर-दिल्ली सड़क करेंगे जाम
किसान नेता कमल प्रीत सिंह पन्नू ने कहा कि सभी किसान संगठनों के प्रतिनिधि और अध्यक्ष मंच पर 14 तारीख को अनशन पर बैठेंगे। हम अपनी माताओं और बहनों से भी इस आंदोलन में शामिल होने की अपील करते हैं। कल रविवार को 11 बजे जयपुर-दिल्ली सड़क को जाम करने के लिए हजारों किसान ‘दिल्ली चलो’ ट्रैक्टर मार्च करेंगे।

बंद करेंगे पलवल-जयपुर रोड
वहीं दिल्ली बुराड़ी निरंकारी ग्राउंड से राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अखिल भारतीय महासभा प्रेम सिंह गहलावत ने कहा कि पलवल और जयपुर रोड को जयपुर से आए संगठन बंद करेंगे। किसान अंबानी और अडानी के माल पर भी धरना देंगे। सभी किसानों ने जिओ सिम और जिओ फोन का बहिष्कार किया है। उन्‍होंने कहा कि किसान हरियाणा के टोल नाके फ्री कराएंगे।
किसानों के तेज होते विरोध प्रदर्शन को देखते हुए उत्‍तर प्रदेश में टोल प्लाजा नाकों पर सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं। यही नहीं सिघू बॉर्डर पर भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। उत्‍तर प्रदेश के एडीजी कानून व्‍यवस्‍था ने कहा है कि अभी तक किसानों का आंदोलन शांतिपूर्ण रहा है लेकिन शरारती तत्व अव्यवस्था न फैलाए इसलिए कड़ी नजर रखी जा रही है।
वहीं हरियाणा के एक किसान प्रतिनिधिमंडल ने कृषि भवन में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाकात की। मालूम हो कि कृषि मंत्री पहले ही साफ कर चुके हैं कि कृषि कानून वापस नहीं लिए जाएंगे। किसानों को जिन बिंदुओं पर आपत्ति है उस पर संशोधन के लिए बातचीत हो सकती है। बीते दिनों सरकार की ओर से आपत्ति वाले बिंदुओं पर एक प्रस्‍ताव भी किसान नेताओं के पास भेजा गया था जिसे उन्‍होंने ठुकरा दिया था।

रक्षा मंत्री से मिले चौटाला
इस बीच हरियाणा में भाजपा के साथ मिलकर सरकार चला रहे दुष्यंत चौटाला ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। सनद रहे कि दुष्यंत चौटाला न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य के मसले पर अपने इस्तीफे की चेतावनी भी दे चुके हैं। हालांकि इस मुलाकात के दौरान क्‍या बातें हुईं इस बारे में कोई जानकारी सामने नहीं आई है लेकिन इससे सियासी सरगर्मी बढ़ गई है।

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