Thu. Feb 25th, 2021

MP : चुनाव में कालेधन के इस्तेमाल से सियासी उफान, 124 करोड़ का लेनदेन

भोपाल। चुनाव में कालेधन के इस्तेमाल से उठे सियासी उफान के बीच आयकर के दस्तावेजों में नया खुलासा हुआ है। विधानसभा और लोकसभा चुनाव से पहले हुए लेन-देन से जुड़ी आयकर विभाग की अप्रेजल रिपोर्ट में आठ विभागों के नाम के आगे 124 करोड़ 20 लाख रुपए का जिक्र किया गया है।

इसमें सर्वाधिक राशि परिवहन विभाग और आबकारी विभाग के आगे लिखी है। चुनाव आयोग के निर्देश के बाद राज्य सरकार द्वारा आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) को केस सुपुर्द करते ही जांच का दायरा तीन आईपीएस अधिकारियों और एक राज्य पुलिस सेवा के अफसर के साथ इन विभागों तक भी पहुंचेगा।

सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को इस केस के बारे में जानकारी दे दी गई है। एक-दो दिन बाद ईओडब्ल्यू को केस सौंपा जा सकता है। इस बीच रविवार को भाजपा दफ्तर पहुंचे मुख्यमंत्री से मीडिया ने इस केस के संबंध में सवाल किया कि सरकार में शामिल कुछ मंत्रियों और विधायकों के साथ नेताओं के नाम भी शामिल हैं, इस पर उन्होंने कहा कि कानून अपना काम करेगा।

आयकर दस्तावेज में कंप्यूटर बाबा के नाम के आगे लिखा 25 लाख

आम चुनाव में दिग्विजय सिंह भोपाल संसदीय सीट से प्रत्याशी रहे। आयकर के दस्तावेजों में उन्हें 90 लाख दिए जाने के साथ कंप्यूटर बाबा का भी जिक्र है। बाबा उस समय भोपाल में दिग्विजय के लिए ही प्रचार कर रहे थे। बाबाे नाम के आगे 25 लाख लिखा है।

प्रतीक जोशी की डायरी में कई नाम

अप्रैल 2019 में पड़े आयकर छापे के दौरान प्रतीक जोशी के घर से एक डायरी भी मिली, जिसमें चुनाव के लिए पैसा देने और लेने वालों के नाम लिखे हैं। इसी में कुछ विभागों के भी नाम हैं। साथ ही बैलेंस शीट व खर्च का भी उल्लेख है। इस सूची का मिलान ललित छजलानी घर से लैपटॉप में मिली सूची से किया गया, जो तकरीबन मिल रही है। छजलानी के घर से मिली सूची की एक्सएल फाइल को लोकसभा लिखा गया है।

संजीव सिंह-रामबाई के नाम के आगे 50 लाख से अधिक का जिक्र

अप्रेजल रिपोर्ट में बसपा विधायकों से जुड़ी जानकारी का भी जिक्र है। एक रसीद है, जिसमें बसपा विधायक संजीव सिंह के द्वारा 25 लाख लेने का जिक्र है। एक जगह सूची में संजीव सिंह के नाम के आगे 10 लाख लिखा है। इसी तरह बसपा की दूसरी विधायक रामबाई के नाम के आगे 36 लाख 50 हजार लिखा है।

परिवहन, आबकारी, पीएचई सहित 8 विभागों से लेन-देन का जिक्र

आयकर दस्तावेजों में परिवहन (फंड ऑफ ट्रांसपोर्ट) के सामने 58 करोड़ और एम. सिखरवार से 3 करोड़, आबकारी (फंड ऑफ एक्साइज) 38.8 करोड़, पीडब्ल्यूडी-नगरीय विकास से 7.2 – 7.2 करोड़, इरीगेशन-खनिज से छह-छह करोड़, ऊर्जा से 1.5 और पीएचई से 1.3 करोड़ लिखा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *