Wed. Jul 6th, 2022

कालीचरण 2 दिन की रिमांड पर, कोर्ट के बाहर जमकर हुआ हंगामा

रायपुर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को अपशब्द कहने वाले कालीचरण महाराज को 2 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। रायपुर पुलिस ने 1 जनवरी तक कालीचरण महाराज की रिमांड मांगी थी। ​​​​​कालीचरण समर्थकों को हाथ दिखाते हुए एक सेलिब्रिटी की तरह करीब 6.32 मिनट पर कोर्ट में दाखिल हुआ था। इस दौरान कोर्ट परिसर में जमकर हंगामा भी हुआ। कालीचरण की पेशी को देखते हुए पहले से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। कोर्ट के अंदर 4-5 वकीलों ने कालीचरण की ओर से पक्ष रखा और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट और कई राज्यों की हाईकोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए पुलिस की कार्रवाई को गलत ठहराया।

इससे पहले पुलिस ने रायपुर पुलिस लाइन में कालीचरण के सभी टेस्ट करवाए। शुगर, बीपी की रिपोर्ट के साथ-साथ कालीचरण की कोरोना जांच भी निगेटिव आई। कालीचरण ने किसी भी पुरानी बीमारी से इनकार किया। उसे जिला न्यायालय में जस्टिस चेतना ठाकुर की कोर्ट में पेश किया गया। बड़ी संख्या में लोग कोर्ट परिसर में मौजूद रहे। इस दौरान कालीचरण महाराज समर्थन में जय श्री राम और गोडसे जिंदाबाद के नारे भी लगाए गए। लगभग 500 पुलिसकर्मी और अलग-अलग थानों के प्रभारी डीएसपी रैंक के अफसर कोर्ट परिसर की सुरक्षा में तैनात रहे।

कालीचरण महाराज को रायपुर पुलिस ने गुरुवार तड़के मध्य प्रदेश के खजुराहो से गिरफ्तार किया था। उसके खिलाफ रायपुर, पुणे और अकोला में केस दर्ज किए गए थे। महात्मा गांधी के खिलाफ बयानबाजी के बाद से ही वह फरार था। मध्यप्रदेश के गृहमंत्री ने गिरफ्तारी के तरीके पर आपत्ति जताई है। हालांकि जवाब में छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने इसे नियमों के तहत एक्शन करार दिया है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि कालीचरण के परिवार और वकील को उसकी गिरफ्तारी की जानकारी दे दी गई। उसे जल्द ही कोर्ट में पेश किया जाएगा।

रायपुर पुलिस ने उसे गुरुवार तड़के 4 बजे खजुराहो से 25 किलोमीटर दूर बागेश्वर धाम स्थित लॉज से गिरफ्तार किया। बताया जा रहा है कि कालीचरण ने अपने छिपने के लिए एक कॉटेज भी बुक कराया था।

पुलिस को देखकर अकड़ने लगा कालीचरण
पुलिस जब बागेश्वर स्थित लॉज में पहुंची तो कालीचरण यहां अपने 4 चेलों के साथ आराम फरमा रहा था। अचानक पुलिस को देख कालीचरण ने बहसबाजी शुरू कर दी। रायपुर पुलिस के अफसरों ने कहा- चलना तो पड़ेगा, विरोध करने का कोई फायदा नहीं है। (पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें…)

कालीचरण पर राजद्रोह का केस भी दर्ज
रायपुर की पुलिस ने राजद्रोह की धाराएं भी इस केस में जोड़ी हैं। कालीचरण अकोला महाराष्ट्र का रहने वाला है। धर्म संसद में दिए गए विवादित बयानों को देखकर पहले धारा 294, 505(2) के तहत मामला दर्ज हुआ था। अब धारा 153 A (1)(A), 153 B (1)(A), 295 A ,505(1)(B) , 124A इन धाराओं को भी जोड़ा गया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें

कहा था- गांधी ने देश का सत्यानाश किया, नाथूराम गोडसे को नमस्कार
रायपुर में हुई धर्म संसद के समापन के दिन शनिवार को महाराष्ट्र से आए कालीचरण ने मंच से गांधीजी के बारे में गलत बातें कहीं। उन्होंने कहा कि इस्लाम का मकसद राजनीति के जरिए राष्ट्र पर कब्जा करना है। सन् 1947 में हमने अपनी आंखों से देखा कि कैसे पाकिस्तान और बांग्लादेश पर कब्जा किया गया। मोहनदास करमचंद गांधी ने उस वक्त देश का सत्यानाश किया। नमस्कार है नाथूराम गोडसे को, जिन्होंने उन्हें मार दिया।

शिवराज के मंत्री बोले- एक्शन की जानकारी MP पुलिस की देनी चाहिए थी
मध्यप्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कालीचरण की गिरफ्तारी की प्रक्रिया पर ऐतराज जताया है। उन्होंने ट्वीट किया- छत्तीसगढ़ पुलिस को अपने एक्शन की जानकारी मध्यप्रदेश पुलिस को देनी चाहिए थी। इससे इंटरस्टेट प्रोटोकॉल का उल्लंघन हुआ है। मध्यप्रदेश के पुलिस महानिदेशक छत्तीसगढ़ पुलिस से आपत्ति दर्ज कराएंगे।

अपने बयान पर कालीचरण को पछतावा नहीं

गिरफ्तारी से पहले कालीचरण का एक बयान सामने आया था। इसमें वह कह रहा है- गांधी को अपशब्द कहने के लिए मुझ पर FIR हुई है, मुझे उसका कोई पश्चाताप नहीं है। मैं गांधी से नफरत करता हूं, मेरे हृदय में गांधी के प्रति तिरस्कार है। अपने ताजा बयान में कालीचरण ने गोडसे को महात्मा बताते हुए कहा कि मैं गोडसे को कोटि-कोटि नमस्कार करता हूं उनके चरणों में मेरा साष्टांग प्रणाम है।

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